हमारी कहानी की शुरुआत वर्ष 1992 में हुई, जब श्री संजय गर्ग जी ने हरियाणा के कैथल नगर में एक छोटी सी निर्माण इकाई से धूप और अगरबत्ती बनाने का कार्य प्रारंभ किया। उनका सपना था — ऐसी सुगंध तैयार करना, जो मन को शांत करे, घर के वातावरण को पवित्र बनाए, और लोगों के जीवन में सुख-शांति का संचार करे।
शुरुआत में यह एक साधारण प्रयास था, लेकिन श्री संजय गर्ग जी की कड़ी मेहनत और ईमानदारी के चलते आज संकट मोचन धूप विश्वास और गुणवत्ता का प्रतीक बन चुका है। हमारे प्रत्येक उत्पाद में आपको परंपरा और शुद्धता की अनुभूति होगी।
हमारी पहचान – रोजगार और सम्मान
आज हम गर्व से कह सकते हैं कि हमारे पारिवारिक व्यवसाय के माध्यम से लगभग 200 महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर प्राप्त हुआ है। हर एक धूप और अगरबत्ती में उनके कौशल, समर्पण और प्रेम की सुगंध रची-बसी है।
हमारी विरासत – विश्वास और गुणवत्ता
तीन दशकों से अधिक का यह सफर तय करते हुए भी, हमने अपने मूल मूल्यों — शुद्धता, श्रद्धा और विश्वास — को सदैव अपनाए रखा है। आज भी हम उन्हीं पारंपरिक आदर्शों का पालन करते हैं, जिन्हें हमारे पूज्य पिताश्री ने आरंभ किया था।
हमारी प्रतिबद्धता
श्रेष्ठ गुणवत्ता के साथ शुद्ध धूप एवं अगरबत्ती का निर्माण
महिलाओं को रोजगार प्रदान कर उन्हें स्वावलंबी बनाना
प्रत्येक घर तक सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा पहुँचाना
संकट मोचन धूप में आपको मिलेगी — परंपरा की सुगंध, श्रद्धा का स्पर्श और विश्वास का भरोसा।
आइए, हमारे इस सुंदर यात्रा का हिस्सा बनिए और अपने घर को पावन सुगंध से महकाइए।